झारखण्ड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना 2023: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, लाभ व विशेषता

VIJAY SHANKAR
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साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन | झारखण्ड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना फॉर्म | Jharkhand Cyber Crime Prevention Scheme | साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना लाभ व विशेषता

देशभर में साइबर क्राइम बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इस स्थिति में सरकार द्वारा साइबर क्राइम को रोकने के लिए कई सारे कदम उठाए जा रहे हैं। साइबर क्राइम की बढ़ती दर को देखकर झारखंड सरकार द्वारा झारखण्ड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना का आरंभ किया गया है।

इस लेख के माध्यम से हम आपको झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं जैसे कि झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना क्या है?, इसके लाभ, उद्देश्य, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया आदि। तो दोस्तों यदि आप Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप से निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

Jharkhand Cyber Crime Prevention Scheme 2022

इस योजना का आरंभ झारखंड सरकार द्वारा 17 दिसंबर 2020 को किया गया था। इस योजना के माध्यम से झारखंड सरकार द्वारा महिलाओं तथा बच्चों को साइबर क्राइम से बचाने का प्रयास किया जाएगा। Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 के माध्यम से ऑनलाइन साइबर अपराध पंजीकरण, क्षमता निर्माण, जागरूकता निर्माण और अनुसंधान तथा विकास इकाइयां शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

झारखंड सरकार द्वारा पुलिस के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर देने पर विचार किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत सभी पुलिस अधिकारियों को बढ़ते साइबर क्राइम से निबटने के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना

झारखंड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना की ज़रूरत

झारखंड में पिछले 5 वर्षों में 4803 साइबर अपराध दर्ज किए गए हैं। जिसमें से 1536 मामलों का निपटारा कर दिया गया है। इस महीने झारखंड में 355 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।  इन सभी साइबर क्राइम के मामले से बचने के लिए सरकार द्वारा इस योजना का आरंभ किया गया है। महिलाओं एवं बच्चों को साइबर क्राइम से बचाने के लिए झारखंड सरकार ने Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 आरंभ की है।

झारखंड सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विभिन्न स्कूलों में छात्रों को सामुदायिक पुलिसिंग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इस प्रशिक्षण के बाद बच्चे पुलिस की साइबर सेल में मदद करेंगे। प्रशिक्षण के लिए हर जिले से दस स्कूल चिन्हित किए जाएंगे। बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद खुद को साइबर क्राइम से भी बचा पाएंगे।

Table of Contents

Key Highlights Of Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023

योजना का नामझारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना
किस ने लांच कीझारखंड सरकार
लाभार्थीझारखंड के नागरिक
उद्देश्यसाइबर क्राइम को रोकना
आधिकारिक वेबसाइटजल्द लॉन्च की जाएगी
साल2023

झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना का उद्देश्य

झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बढ़ रहे साइबर क्राइम पर रोक लगाना है। इस योजना के माध्यम से पुलिस के आधुनिकरण पर जोर दिया जाएगा। जिससे कि वह साइबर क्राइम से प्रदेश के नागरिकों को बचा सके। झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के बच्चों को भी सामुदायिक पुलिसिंग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

जिससे कि बच्चे साइबर क्राइम से होने वाले अपराधों के बारे में जानकारी प्राप्त कर पाए और भविष्य में इससे बच पाए। इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किए बच्चे पुलिस की साइबर सेल मदद भी कर सकते हैं।

साइबर क्राइम प्रिवेंशन फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रेन के 5 कंपोनेंट

  • ऑनलाइन साइबर क्राईम रिर्पोटिंग यूनिट
  • फॉरेंसिक यूनिट
  • क्षमता निर्माण इकाई
  • अनुसंधान एवं विकास इकाई
  • जागरूकता निर्माण इकाई

ऑनलाइन साइबर क्राईम रिर्पोटिंग यूनिट

ऑनलाइन साइबर क्राईम रिर्पोटिंग के लिए साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल आरंभ किया गया है। जोकि सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट का पार्ट है। इस पोर्टल के माध्यम से साइबर क्राइम कंप्लेंट की जा सकती है। यह इकाई साइबर अपराध से संबंधित जानकारी के लिए राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर कानून प्रवर्तन और नियामक एजेंसी के संदर्भ में एक सेंट्रल रिपोजिटरी प्रदान करेगी। यह इकाई ऑनलाइन साइबर क्राइम रिपोर्टिंग प्लेटफार्म के विकास के लिए भी जिम्मेदार होगी। यह इकाई फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर काम करेगी।

फॉरेंसिक यूनिट

एक राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला का संचालन किया जाएगा। जो हफ्ते के 24 घंटे और साल के 365 दिन काम करेगी। इस यूनिट में सभी लेटेस्ट फॉरेंसिक उपकरण का सेटअप होगा। जिसका उपयोग जरूरत पड़ने पर सभी केंद्रीय, राज्य, केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ केंद्रीय तथा राज्य फॉरेंसिक प्रयोगशाला कर सकेंगी। इस इकाई में देशभर के साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ काम करेंगे और साइबर क्राइम लॉ को ठीक तरीके से संचालित करने में सहायता करेंगे।

क्षमता निर्माण इकाई

इस इकाई के माध्यम से सभी पुलिस बलों, अभीयोजना पक्ष, न्यायिक अधिकारियों और अन्य संबंधित हित धारकों की क्षमता निर्माण पर काम किया जाएगा। इस इकाई के माध्यम से देश के सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता बढ़ाने के का अवसर प्रदान किया जाएगा।

अनुसंधान एवं विकास इकाई

साइबर क्राइम के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए इस क्षेत्र में शोध करने की आवश्यकता है। शोध करने के लिए सरकार द्वारा अनुसंधान एवं विकास इकाई आरंभ की गई है। इस इकाई के माध्यम से साइबर क्राइम के क्षेत्र में शोध करके साइबर क्राइम एक्ट में अमेंडमेंट किए जाएंगे। जिससे कि साइबर क्राइम को रोका जा सके। यह शोध रिसर्च एकेडमिक इंस्टीट्यूशन के साथ मिलकर किया जाएगा। शोध के माध्यम से टेक्नोलॉजी को भी विकसित किया जाएगा।

जागरूकता निर्माण इकाई

जागरूकता निर्माण इकाई के माध्यम से लोगों के प्रति साइबर क्राइम को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी। जिससे कि इसे जल्द से जल्द रोका जा सके। जब लोग साइबर क्राइम के बारे में जागरूक होंगे तो वह इससे बचने के प्रयास कर सकेंगे। स्कूलों के माध्यम से भी यह जागरूकता फैलाई जाएगी। स्कूलों में छात्रों को साइबर क्राइम से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी जिससे कि बच्चे साइबरक्रिमे से बच सके। वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जाएगी।

Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 के लाभ तथा विशेषताएं

  • Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 का आरंभ झारखंड सरकार द्वारा 17 दिसंबर 2020 को किया गया था।
  • इस योजना के माध्यम से महिलाओं तथा बच्चों को साइबर क्राइम से बचाने का प्रयास किया जाएगा।
  • झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना के माध्यम से ऑनलाइन साइबर अपराध पंजीकरण, क्षमता निर्माण, जागरूकता निर्माण और अनुसंधान तथा विकास इकाइयां शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • इस योजना के अंतर्गत पुलिस के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • विभिन्न  स्कूलों में इस योजना के अंतर्गत छात्रों को कम्युनिटी पुलिसिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • इस प्रशिक्षण के बाद बच्चे पुलिस की साइबर सेल में मदद कर सकेंगे।
  • प्रशिक्षण के लिए हर जिले से दस स्कूल चिन्हित किए जाएंगे।
  • महिलाओं एवं बच्चों को साइबर अपराध से बचाने के लिए ट्रेनिंग भी प्रदान की जाएगी।

झारखंड साइबर क्राईम प्रिवेंशन योजना की पात्रता एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आवेदक झारखंड का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर
  • राशन कार्ड
  • पहचान पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाण पत्र

झारखंड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया

यदि आप झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको अभी कुछ समय इंतजार करना होगा। अभी इस योजना की केवल घोषणा की गई है। जल्द इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया बताई जाएगी। जैसे ही सरकार द्वारा Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया सक्रिय की जाएगी हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से जरूर बताएंगे। कृपया आप हमारे इस लेख से जुड़े रहे।

साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन | झारखण्ड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना फॉर्म | Jharkhand Cyber Crime Prevention Scheme | साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना लाभ व विशेषता

देशभर में साइबर क्राइम बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इस स्थिति में सरकार द्वारा साइबर क्राइम को रोकने के लिए कई सारे कदम उठाए जा रहे हैं। साइबर क्राइम की बढ़ती दर को देखकर झारखंड सरकार द्वारा झारखण्ड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना का आरंभ किया गया है।

इस लेख के माध्यम से हम आपको झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं जैसे कि झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना क्या है?, इसके लाभ, उद्देश्य, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया आदि। तो दोस्तों यदि आप Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप से निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

Jharkhand Cyber Crime Prevention Scheme 2023

इस योजना का आरंभ झारखंड सरकार द्वारा 17 दिसंबर 2020 को किया गया था। इस योजना के माध्यम से झारखंड सरकार द्वारा महिलाओं तथा बच्चों को साइबर क्राइम से बचाने का प्रयास किया जाएगा। Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 के माध्यम से ऑनलाइन साइबर अपराध पंजीकरण, क्षमता निर्माण, जागरूकता निर्माण और अनुसंधान तथा विकास इकाइयां शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

झारखंड सरकार द्वारा पुलिस के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर देने पर विचार किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत सभी पुलिस अधिकारियों को बढ़ते साइबर क्राइम से निबटने के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना

झारखंड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना की ज़रूरत

झारखंड में पिछले 5 वर्षों में 4803 साइबर अपराध दर्ज किए गए हैं। जिसमें से 1536 मामलों का निपटारा कर दिया गया है। इस महीने झारखंड में 355 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।  इन सभी साइबर क्राइम के मामले से बचने के लिए सरकार द्वारा इस योजना का आरंभ किया गया है। महिलाओं एवं बच्चों को साइबर क्राइम से बचाने के लिए झारखंड सरकार ने Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 आरंभ की है।

झारखंड सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विभिन्न स्कूलों में छात्रों को सामुदायिक पुलिसिंग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इस प्रशिक्षण के बाद बच्चे पुलिस की साइबर सेल में मदद करेंगे। प्रशिक्षण के लिए हर जिले से दस स्कूल चिन्हित किए जाएंगे। बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद खुद को साइबर क्राइम से भी बचा पाएंगे।

Key Highlights Of Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023

योजना का नामझारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना
किस ने लांच कीझारखंड सरकार
लाभार्थीझारखंड के नागरिक
उद्देश्यसाइबर क्राइम को रोकना
आधिकारिक वेबसाइटजल्द लॉन्च की जाएगी
साल2023

झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना का उद्देश्य

झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बढ़ रहे साइबर क्राइम पर रोक लगाना है। इस योजना के माध्यम से पुलिस के आधुनिकरण पर जोर दिया जाएगा। जिससे कि वह साइबर क्राइम से प्रदेश के नागरिकों को बचा सके।

झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के बच्चों को भी सामुदायिक पुलिसिंग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे कि बच्चे साइबर क्राइम से होने वाले अपराधों के बारे में जानकारी प्राप्त कर पाए और भविष्य में इससे बच पाए। इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किए बच्चे पुलिस की साइबर सेल मदद भी कर सकते हैं।

साइबर क्राइम प्रिवेंशन फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रेन के 5 कंपोनेंट

  • ऑनलाइन साइबर क्राईम रिर्पोटिंग यूनिट
  • फॉरेंसिक यूनिट
  • क्षमता निर्माण इकाई
  • अनुसंधान एवं विकास इकाई
  • जागरूकता निर्माण इकाई

ऑनलाइन साइबर क्राईम रिर्पोटिंग यूनिट

ऑनलाइन साइबर क्राईम रिर्पोटिंग के लिए साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल आरंभ किया गया है। जोकि सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट का पार्ट है। इस पोर्टल के माध्यम से साइबर क्राइम कंप्लेंट की जा सकती है। यह इकाई साइबर अपराध से संबंधित जानकारी के लिए राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर कानून प्रवर्तन और नियामक एजेंसी के संदर्भ में एक सेंट्रल रिपोजिटरी प्रदान करेगी। यह इकाई ऑनलाइन साइबर क्राइम रिपोर्टिंग प्लेटफार्म के विकास के लिए भी जिम्मेदार होगी। यह इकाई फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर काम करेगी।

फॉरेंसिक यूनिट

एक राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला का संचालन किया जाएगा। जो हफ्ते के 24 घंटे और साल के 365 दिन काम करेगी। इस यूनिट में सभी लेटेस्ट फॉरेंसिक उपकरण का सेटअप होगा। जिसका उपयोग जरूरत पड़ने पर सभी केंद्रीय, राज्य, केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ केंद्रीय तथा राज्य फॉरेंसिक प्रयोगशाला कर सकेंगी। इस इकाई में देशभर के साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ काम करेंगे और साइबर क्राइम लॉ को ठीक तरीके से संचालित करने में सहायता करेंगे।

क्षमता निर्माण इकाई

इस इकाई के माध्यम से सभी पुलिस बलों, अभीयोजना पक्ष, न्यायिक अधिकारियों और अन्य संबंधित हित धारकों की क्षमता निर्माण पर काम किया जाएगा। इस इकाई के माध्यम से देश के सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता बढ़ाने के का अवसर प्रदान किया जाएगा।

अनुसंधान एवं विकास इकाई

साइबर क्राइम के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए इस क्षेत्र में शोध करने की आवश्यकता है। शोध करने के लिए सरकार द्वारा अनुसंधान एवं विकास इकाई आरंभ की गई है। इस इकाई के माध्यम से साइबर क्राइम के क्षेत्र में शोध करके साइबर क्राइम एक्ट में अमेंडमेंट किए जाएंगे। जिससे कि साइबर क्राइम को रोका जा सके। यह शोध रिसर्च एकेडमिक इंस्टीट्यूशन के साथ मिलकर किया जाएगा। शोध के माध्यम से टेक्नोलॉजी को भी विकसित किया जाएगा।

जागरूकता निर्माण इकाई

जागरूकता निर्माण इकाई के माध्यम से लोगों के प्रति साइबर क्राइम को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी। जिससे कि इसे जल्द से जल्द रोका जा सके। जब लोग साइबर क्राइम के बारे में जागरूक होंगे तो वह इससे बचने के प्रयास कर सकेंगे। स्कूलों के माध्यम से भी यह जागरूकता फैलाई जाएगी। स्कूलों में छात्रों को साइबर क्राइम से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी जिससे कि बच्चे साइबरक्रिमे से बच सके। वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जाएगी।

Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 के लाभ तथा विशेषताएं

  • Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 का आरंभ झारखंड सरकार द्वारा 17 दिसंबर 2020 को किया गया था।
  • इस योजना के माध्यम से महिलाओं तथा बच्चों को साइबर क्राइम से बचाने का प्रयास किया जाएगा।
  • झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना के माध्यम से ऑनलाइन साइबर अपराध पंजीकरण, क्षमता निर्माण, जागरूकता निर्माण और अनुसंधान तथा विकास इकाइयां शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • इस योजना के अंतर्गत पुलिस के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • विभिन्न  स्कूलों में इस योजना के अंतर्गत छात्रों को कम्युनिटी पुलिसिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • इस प्रशिक्षण के बाद बच्चे पुलिस की साइबर सेल में मदद कर सकेंगे।
  • प्रशिक्षण के लिए हर जिले से दस स्कूल चिन्हित किए जाएंगे।
  • महिलाओं एवं बच्चों को साइबर अपराध से बचाने के लिए ट्रेनिंग भी प्रदान की जाएगी।

झारखंड साइबर क्राईम प्रिवेंशन योजना की पात्रता एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आवेदक झारखंड का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर
  • राशन कार्ड
  • पहचान पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाण पत्र

झारखंड साइबर क्राइम प्रिवेंशन योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया

यदि आप झारखंड साइबर क्राईम प्रीवेंशन योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको अभी कुछ समय इंतजार करना होगा। अभी इस योजना की केवल घोषणा की गई है। जल्द इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया बताई जाएगी। जैसे ही सरकार द्वारा Jharkhand Cyber Crime Prevention Yojana 2023 के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया सक्रिय की जाएगी हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से जरूर बताएंगे। कृपया आप हमारे इस लेख से जुड़े रहे।

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